विराट कोहली जीवनी [Virat Kohli Biography In Hindi]

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 विराट कोहली एक जाने माने क्रिकेटर हैं जिनके विश्व में लाखों फैंस हैं । विराट कोहली एक बल्लेबाज हैं और अपने बल्लेबाजी से सबको हैरान करके रख दिया है । वर्तमान में कोहली टीम इंडिया का कप्तानी भी संभल रहे हैं । विराट कोहली का रुचि बचपन से ही क्रिकेट में था बहुत ही कम उम्र से उन्होंने बल्ला पकड़ ली है और घर वालों के सपोर्ट की बदौलत आज इस मुकाम पर स्थित हैं । विराट कोहली आईसीसी रैंकिंग में टॉप बल्लेबाज रह चुके हैं । वर्तमान (2020) में वे दूसरे स्थान पर मौजूद हैं । वे एक दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और फील्डिंग भी जबरदस्त करते हैं । वे आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेलते हैं और टीम के कप्तान भी हैं ।

कोहली ने 19 वर्ष की आयु में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर लिया था जब उन्होंने 2008 में मलेशिया में “अंडर 19 वर्ल्ड कप” जीता था । इस अंडर 19 टीम का कप्तानी विराट कोहली ने की थी । इस मैच के बाद सेलेक्टर्स की नजर नए युवा खिलाड़ी विराट कोहली पर पड़ी उनको टीम इंडिया में चयन कर लिया । सुरुवाती मैचों में कोहली को खेलने का मौका नहीं दिया गया लेकिन कुछ मैचों के पश्चात उन्हें मिडिल ऑर्डर में खेलने का मौका मिला और कोहली ने अपने अच्छे खेल से टीम इंडिया में अपना स्थायी स्थान बना लिया और आज तक वे टीम इंडिया के लिए खेलते हैं । उन्हें टीम इंडिया के लिए कप्तानी करने का मौका तब मिला जब कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी नें टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले लिया इसके पश्चात कोहली को टीम का कप्तान बना दिया गया । 

कोहली अब तक एक सफल क्रिकेटर रहे हैं उन्होंने कई रेकॉर्ड्स तोड़े हैं और खुद के बनाए भी हैं । ऐसा कहा जाता है कि केवल कोहली ही हैं जो सचिन तेंदुलकर के 100 शतक का रिकॉर्ड तोड सकते हैं । अभी कोहली सभी फॉर्मेट को मिलाकर शतक के मामले में सचिन के बाद दूसरे स्थान पर हैं । इसके अलावा सबसे तेज 8,000, 9,000, 10,000,11,000 और 12,000 रन बनाने का रिकॉर्ड भी कोहली के पास है । कोहली के प्रदर्शन के बदौलत उन्हें कई अवॉर्ड्स भी मिले हैं ।

प्रारंभिक जीवन

विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में रहने वाले एक पंजाबी परिवार के घर हुआ । उनके पिता का नाम प्रेम कोहली है जो कि एक अपराधिक वकील थे । उनकी माता का नाम सरोज कोहली है । विराट कोहली के एक भैया और एक दीदी भी हैं जिनका नाम विकास और भावना है । विराट ने अपने बचपन की प्रारंभिक पढ़ाई ” विशाल भारती पब्लिक स्कूल” से की है । कोहली को बचपन से क्रिकेट में अति रुचि थी । जब वो 3 वर्ष के थे तब उनके पिता उन्हें गेंद डाला करते थे और कोहली बल्लेबाजी किया करते थे । कोहली जब थोड़े बड़े हुवे वे गली में क्रिकेट खेला करते थे । उस समय 1998 में “पश्चिम दिल्ली क्रिकेट अकादमी” नई – नई खुली थी । तब कोहली सिर्फ 9 वर्ष के थे और लोगों ने उनके पिता को सलाह दिया की गली क्रिकेट की अपेक्षा उन्हें इस क्रिकेट एकेडमी में भर्ती करा दें वहां जाके वो कुछ नया सीखेगा । इस बात को सुनकर पिता प्रभावित हुवे और 9 वर्ष की आयु में पिता ने विराट का क्रिकेट एकेडमी में भर्ती करा दिया यहां कोहली “राजकुमार शर्मा” के अंदर प्रशिक्षण हासिल की ।

पिता के सपोर्ट मिलने पर कोहली मन लगाकर प्रैक्टिस करते । वो बचपन से क्रिकेट में अच्छे थे । उनके कोच कहते हैं की वो बचपन से प्राकृतिक रूप से अच्छे बैट्समैन हैं उन्हें कोई भी पोजिशन में बैटिंग करा लो वे श्रेष्ठ हैं । उसी समय वो सुमीत डोगरा एकेडमी, वसुंधरा एन्क्लेव के लिए भी मैच खेला । जब प्रशिक्षण सीजन खत्म हुआ तो कोच ने कोहली को घर भेज दिया लेकिन वो यहां रुके नहीं बल्कि अपनी प्रशिक्षण को चालू रखने के लिए वे पश्चिम विहार के सेवियर कॉन्वेंट प्रशिक्षण के लिए शिफ्ट हो गए । यहां भी उन्होंने अच्छे से प्रशिक्षण हासिल की ।

2015 में विराट कोहली का परिवार मीरा बाग से गुरग्राम शिफ्ट हो गए । इसके बाद भी विराट अपनी प्रशिक्षण जारी रखी । वे क्रिकेट के अलावा भी एक अच्छे एवं बुद्धिमान छात्र रहे हैं । 18 दिसंबर 2006 को पिता का ब्रेन स्ट्रोक की वजह से देहांत हो गया । यह समय विराट के लिए बहुत बुरा समय था । इस समय परिवार किराए के मकान में रह रही थी और उनकी फैमिली बिजनेस भी सही नहीं चल रही थी ।

खेल स्टाइल

वे एक दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं । उनके पास खेलने के लिए अच्छे तकनीक है । चाहे कदमों का उपयोग हो या गेंद को मनचाही दिशा में धकेलना हो वे काफी अच्छी तरह से जानते हैं । वे ज्यादातर चौका लगाते हैं उनके खेल में बहुत कम सिक्स लगते दिखते हैं । वे बहुत ही चतुराई के साथ गेंद को गैप में भेजना जानते हैं इसलिए ज्यादातर जितनी गेंदे खेलते हैं उसके हिसाब से रन भी बना लेते हैं । वे रन बनाने के लिए ज्यादा गेंदे नहीं खाते । वे ज्यादातर स्वीप शॉर्ट नहीं खेलते । एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनका पसंदीदा शॉर्ट कवर ड्राइव है । वे प्रेशर में भी अच्छा खेलने के लिए जाने जाते हैं । वे ज्यादातर वनडे मैच में नंबर 3 पर बैटिंग करना पसंद करते हैं । उनके खेल प्रकार को सचिन तेंदुकर की तरह माना जाता है । विराट कोहली भी काफी हद तक सचिन तेंदुलकर की भांति ही खेलते हैं । 

वे एक अग्रेसिव प्लयेर हैं परिस्थिति चाहे जितना भी खराब क्यों नहीं हो वो बिना दबाव के साथ अपना प्राकृतिक खेल दिखाते हैं । वो फील्डिंग में भी बहुत अच्छे हैं । उन्हें बेस्ट फील्डर में गिना जाता है । इनकी निरंतर प्रदर्शन से एक्सपर्ट ऐसा मानते हैं कि कोहली सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों का रिकार्ड तोड सकते हैं ।

व्यवसाय/ करियर

एकेडमी में ही प्रशिक्षण के दौरान कई घरेलू मैच कोहली ने खेला था । बचपन से ही कई टीमों के विरुद्ध खेलकर अच्छा अनुभव हासिल कर लिया था । उनके करियर डोमेस्टिक मैचों से इंटरनेशनल करियर और कप्तानी तक निम्न प्रकार रहा ।

घरेलू मैच

कोहली ने ऑफिशियल रूप से घरेलू मैच खेलना 2002 से शुरू की थी । कोहली ने 2002-3 में पोली उमरीगर ट्रॉफी अंडर – 15 दिल्ली की तरफ से खेला था । इस मैच में उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन दिखाया था । इस मैच श्रृंखला में 34 के एवरेज से 172 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी । 2002 – 3 के श्रेष्ठ प्रदर्शन को देखते हुवे अगले वर्ष 2003 – 4 के पोली उमरीगर ट्रॉफी के लिए कोहली को टीम का कप्तानी दिया गया । इस 5 मैचों के श्रृंखला में कोहली ने 78 रनों के एवरेज से 2 शतक और 2 अर्धशतक के साथ 390 रन बनाया । क्रिकेट करियर में कोहली का डेब्यू बहुत ही शानदार रहा । इसके बाद कोहली के प्रदर्शन को देखते हुवे कोहली को 2004 में अंडर -17 विजय हजारे कप के लिए चयनित कर लिया । इस 2003-4 के टूर्नामेंट में कोहली ने दिल्ली की तरफ से 4 मैचों में 470 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को जीत दिलाई । इस मैच में कोहली ने 117.50 के एवरेज और दो शतकों के पारी खेली । अगले वर्ष 2004-5 के विजय हजारे कप में भी कोहली ने धमाकेदार पारी खेली । कोहली ने 7 मैचों में 84.7 के एवरेज से दो शतकों के साथ 757 रन बनाकर सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए । करियर का शुरुवाती दौर कोहली का अती उत्तम था ।

कोहली जब 18 वर्ष के हो गए तब उन्होंने 2006 में दिल्ली की तरफ से तमिलनाडु के खिलाफ मैच खेला था हालांकि इस मैच में वे केवल 10 रन ही बना पाए थे । वे सबसे चर्चा में तब आए जब उनका कर्नाटक के विरुद्ध मैच था और उनके पिता का उसी दिन देहांत हो गया था फिर भी कोहली ने मैच खेला और 90 रन बनाए और सीधे पिता के अंतिम संस्कार के लिए गए । उनके पिता ने कोहली को क्रिकेट करियर के लिए बहुत ज्यादा सपोर्ट किया था इसी कारण से कोहली ने उस दिन भी मैच खेला । पिता के देहांत के बाद कोहली बिल्कुल बदल गए । वे क्रिकेट को सीरियसली खेलने लगे । ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अपनी और अपने पिता के सपने को हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं ।

अप्रैल 2007 में उन्होंने टी 20 मैच खेलना प्रारंभ कर दिया । “इंटर स्टेट टी 20 चैंपियनशिप” में उन्होंने 35.80 के औसत से 179 रन बनाया और अपने टीम का सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए । टैलेंट तो उनमें सुरुवात से ही था तभी तो वे एक के बाद एक अच्छे प्रदर्शन दिखा रहे थे । हर क्रिकेटर के जीवन में उतार – चढ़ाव तो आता ही है । 

आईपीएल (IPL)

2008 में टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने विराट कोहली को खरीद लिया और इसी वर्ष से विराट कोहली आईपीएल खेलना शुरू किए । सुरुवाती 1-2 सीजनों में कोहली उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं दिखा पाए । 2008 के आईपीएल में कोहली 12 मैचों में 15 के एवरेज से एवं 105.09 के स्ट्राइक रेट से मात्र 105 रन ही बना सके । अगले सत्र भी लगभग ऐसे ही रहा कोहली कुछ खास प्रदर्शन नहीं दिखा पाए । 2009 के आईपीएल में कोहली 22.36 के एवरेज से 246 रन बनाया और उनका स्ट्राइक रेट 112 था । कोहली धीरे धीरे फॉर्म में आने लगे थे । 2010 के आईपीएल में कोहली 27.90 के एवरेज और 144.81 के स्ट्राइक रेट से 307 रन बनाया और टीम के लिए तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लयेर बन गए । इस तरह कोहली का प्रदर्शन धीरे – धीरे अच्छा होता गया । हालांकि आगे भी कुछ सीजन्स थे जिसमें कोहली का प्रदर्शन खराब रहा । 

2011 के दौर में उन्हें कई मैचों में कप्तानी और उपकप्तानी करने का मौका भी मिला । यह आईपीएल सत्र कोहली के लिए बहुत अच्छा था इस वर्ष कोहली के बल्ले से अच्छे रन्स भी निकले । उन्होंने इस सत्र 46.41 के एवरेज और 121 के स्ट्राइक रेट से 557 रन बनाए । 

2012 के आईपीएल सत्र इनके लिए उतना अच्छा नहीं गया इस वर्ष वे केवल 28 के एवरेज से 364 रन ही बना सके । 2013 में वेटरी ने रिटायरमेंट ले लिया जिस कारण से कोहली को टीम का कप्तान बना दिया गया । इस सत्र कोहली ने अपने बल्ले से जमकर रन बनाए । 45.28 के एवरेज और 138 के स्ट्राइक रेट से कोहली ने 634 रन बनाए । इस सत्र कोहली एक बार केवल 1 रन के लिए शतक से चूक गए थे । इस सत्र में उनका हाईएस्ट स्कोर 99 रहा था । 2014 के आईपीएल सत्र में कोहली ने 27.61 के स्ट्राइक रेट से केवल 359 रन बनाए थे । 

2015 के आईपीएल सत्र में कोहली टीम की कप्तानी करते हुवे टीम 5 वां स्थान तक पहुंच सकी थी । इस सत्र कोहली ने 45.90 के एवरेज से 505 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 130 रहा था । 

2016 कोहली के लिए बहुत ही बढ़िया था वो बस फाइनल लेने से चूक गए । इस सत्र कोहली के बल्ले से ढेर सारी रन निकले और कोहली ने कई नए रिकॉर्ड्स बनाए और कई सम्मान भी मिला । इस साल कोहली ने 16 मैचों में 81.08 के एवरेज से 973 रन बनाया और आईपीएल के एक सत्र में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया । इस सत्र टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर फाइनल में रनों का पीछा करते हुवे हार गई थी । इस मैच में उन्हें ऑरेंज कैप मिला था तथा विवो आईपीएल मोस्ट वैल्युबल प्लयेर का अवॉर्ड भी मिला था । इस सीजन कोहली 4000 रनों का आंकड़ा छूने वाले पहले बल्लेबाज बन गए थे ।

2017 टीम आरसीबी के लिए बहुत खराब रही थी इस सत्र कोहली कि टीम प्वाइंट टेबल में सबसे नीचे रही थी । कोहली को सुरुवात में ही कन्धें पर चोट लग गई । इस सत्र कोहली ने टीम में सबसे अधिक 308 रन 10 मैच खेलकर बनाए थे । 2018 में कोहली ने 48.18 के एवरेज से 530 रन बनाए । इस सत्र कोहली का सबसे ज्यादा रन 92* था । 2019 में 33.14 के एवरेज से 464 रन बनाए थे और इस सत्र का सबसे अधिक रन 100 रन था ।

2020 के आईपीएल में कोहली 42.36 के एवरेज से 466 रन बनाए थे और इस सत्र उनके एक मैच में सबसे अधिक रन 90* था ।

वनडे इंटरनेशनल मैच

18 अगस्त 2008 को विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ अपना वनडे इंटरनेशनल मैच का डेब्यू किया ।

टी 20 इंटरनेशनल मैच

12 जून 2010 को कोहली ने जिम्बाबवे के खिलाफ अपना टी 20 मैच का डेब्यू किया ।

टेस्ट इंटरनेशनल मैच

20 जून 2011 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ कोहली ने अपना इंटरनेशनल टेस्ट मैच डेब्यू किया ।

निजी जीवन

विराट कोहली ने 11 दिसंबर 2017 को बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा से इटली में शादी कर ली । दोनों एक दूसरे को 2013 से डेट कर रहे थे । इन दोनों की जोड़ी को फैंस ने विरुष्का नाम दिया है । दोनों का रिश्ता बहुत सीक्रेट था वे कभी भी सोशल मीडिया में अपने रिश्ता के बारे में खुलकर नहीं बताया ।

अभी 2021 में दोनों का एक नया मेहमान आने वाला है । कोहली इंडियन सुपर लीग क्लब एफसी गोवा के सह-मालिक हैं । इसके अलावा कोहली कई अन्य टीम के सह मालिक हैं । सितंबर 2015 में, कोहली इंटरनेशनल प्रीमियर टेनिस लीग फ्रेंचाइजी यूएई रॉयल्स के सह-मालिक बन गए । इसी वर्ष दिसंबर में प्रो रेसलिंग लीग में जेएसडब्ल्यू के स्वामित्व वाली बेंगलुरु योदास फ्रेंचाइजी के सह-मालिक बने । नवंबर 2014 में, कोहली और अंजना रेड्डी के यूनिवर्सल स्पोर्ट्सबिज (USPL) ने एक युवा फैशन ब्रांड WROGN लॉन्च किया । यह ब्रांड युवाओं के कपड़ों और फैशन पर प्रोडक्ट बनाता है । इसके अलावा कोहली कई छोटे बड़े कंपनी के ब्रैंड इंबेसडर हैं ।

मार्च 2013 में, कोहली ने विराट कोहली फाउंडेशन (VKF) नामक एक चैरिटी फाउंडेशन की शुरुआत की। संगठन का उद्देश्य वंचित बच्चों की मदद करना है और चैरिटी के लिए धन जुटाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करना है।

इन सबके अलावा कोहली देश से संबंधित कई कार्यक्रमों जैसे स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत जैसे कई मिशन में भाग लेते हैं और लोगों से ऑनलाइन जुड़कर स्वास्थ और स्वच्छता से संबंधित सलाह देते हैं ।

अवॉर्ड्स

राष्ट्रीय अवॉर्ड्स

1. 2013 – अर्जुन पुरस्कार

2. 2017 – पद्म श्री

3. 2018 – राजीव गांधी खेल रत्न

खेल का सम्मान

1. सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी (आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर): 2017, 2018 

2. आईसीसी ओडीआई प्लेयर ऑफ द ईयर: 2012,2017, 2018

3. आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर: 2018

4. आईसीसी टीम ऑफ़ द इयर: 2012, 2014, 2016 (कप्तान), 2017 (कप्तान), 2018 (कप्तान), 2019 (कप्तान)

5. आईसीसी टेस्ट टीम ऑफ द ईयर: 2017 (कप्तान), 2018 (कप्तान), 2019 (कप्तान)

6. आईसीसी स्पिरिट ऑफ क्रिकेट: 2019

7. आईसीसी मेन्स टेस्ट टीम ऑफ़ द डिकेड: 2011–2020 (कप्तान)

8. आईसीसी मेन्स वनडे टीम ऑफ़ द डिकेड: 2011–2020

9. ICC मेन्स T20I टीम ऑफ़ द डिकेड: 2011–2020

10. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर ऑफ़ द इयर के लिए पॉली उमरीगर पुरस्कार: 2011-12, 2014-15, 2015-16, 2016-17, 2017-18

11. विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड: 2016, 2017, 2018

12. CEAT इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर: 2011–12, 2013-14, 2018-19

13. बर्मी सेना – वर्ष का अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी: 2017, 2018

14. 12 सितंबर 2019 को अरुण जेटली स्टेडियम में एक स्टैंड का नाम विराट कोहली स्टैंड है ।

अन्य सम्मान

1. पीपुल्स च्वाइस अवार्ड्स इंडिया फॉर फेवरेट स्पोर्ट्सपर्सन: 2012

2. CNN-News18 इंडियन ऑफ द ईयर: 2017

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