लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (LHPs) क्या है ?

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 1 जनवरी 2021 को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 6 राज्यों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट (LHP) का उद्घाटन ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस के द्वारा किया । इस नए वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री ने नव वर्ष का तौफा विभिन्न राज्यों को दिया । इस ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में उन राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे जिन राज्यों में यह प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया । 6 राज्यों के लिए फिलहाल यह प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है ।

इस प्रोजेक्ट के लॉन्च के बाद देश के विभिन्न राज्यों में 1000 घरों को इस प्रोजेक्ट के लिए प्रत्येक क्षेत्र में चुना जाएगा । इसका तात्पर्य है कि 6 राज्यों के लिए टोटल 6000 घरों को सम्मिलित किया जाएगा । इस प्रोजेक्ट को लॉन्च करते वक्त देश के प्रधानमंत्री ने कहा कि ” आज हमारे देखने का नजरिया बदल गया है । हमने निर्णय लिया है कि आवास के प्रति भी आवास के प्रति भी नजरिया अलग होनी चाहिए । क्या हमें बेहतर तकनीक वाली आवाज़ प्राप्त नहीं होना चाहिए ।” केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री द्वारा इसकी अवधारणा की गई थी। इस परियोजना का उद्देश्य दुनिया भर की कई नवीन तकनीकों की मुख्यधारा की पहचान करना है जो टिकाऊ और आपदा प्रतिरोधी हैं।

इस ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, और क्रमशः त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। 

क्या है लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (LHPs)

यह एक तरह की आवास संबंधित प्रोजेक्ट है जिसके अनुसार 6 राज्यों से 6 भिन्न – भिन्न क्षेत्रों को इसके लिए चयनित किया गया है और प्रत्येक क्षेत्र में 1000 घरों का निर्माण कराया जाने वाला है । इस प्रोजेक्ट के अनुसार टिकाऊ, आपदा प्रतिरोधी, कम लागत वाली आवासों का निर्माण आधुनिक अथवा नवीन प्रद्योगिकी का उपयोग करके निर्माण किया जाना है । छह शहरों की पहचान लाइटहाउस परियोजना के लिए जीवित प्रयोगशालाओं के रूप में की गई है ।

इस प्रोजेक्ट के अनुसार घरों के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाना है । रांची में जर्मनी के 3डी कंस्ट्रक्शन सिस्ट्म्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों में भी उन्नत तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है । अगरतला में न्यूजीलैंड की स्टील फ्रेम टेक्नोलॉजी तथा लखनऊ में कनाडा की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है। इस प्रोजेक्ट में अन्य देशों को हाई टेक्नोलॉजी वाली हाउसिंग तकनीकी का उपयोग भी हमारे देश में किया जाने वाला है । इस घरों की एक महत्वपूर्ण खास बात यह भी है कि ये घर पूर्ण रूप से भूकंप रोधी होंगे अर्थात इन घरों पर भूकंप का प्रभाव नहीं पड़ेगा । इस प्रोजेक्ट में बनने वाले घरों के लिए बीम-कॉलम और पैनल पहले से ही फैक्टरी से बनकर आएंगे जिस कारण से इसमें समय का बचत होगा । 

इस प्रोजेक्ट के तहत पूरा कारपेट एरिया 34.50 वर्ग मीटर में होगा। इसके तहत 14 मंजिला टावर बनाए जाएंगे। कुल 1,040 फ्लैट तैयार होंगे, हर फ्लैट 415 वर्ग फुट का होगा। यह फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वितरण होगा जिसमें कुछ पैसे सरकार देगी और खुद एन आवास के मालिक को देनी पड़ेगी । इन आवासों को निर्माण करने में लगभग 12.59 लाख रुपए का खर्च आएगा जिसमें से 7.83 लाख रुपए प्रदेश सरकार देगी और बाकी के बकाया 4.76 लाख रुपए उस व्यक्ति को देना पड़ेगा जो इन घरों में रहने वाले हैं ।

इस प्रोजेक्ट के तहत 1 वर्ष का लक्ष्य लिया गया है और 1 वर्ष के भीतर इन घरों का निर्माण हो जाना है ।

लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (LHPs) के लिए चयनित राज्य एवं क्षेत्र

इस प्रोजेक्ट के लॉन्च के दौरान उन 6 राज्य के मुख्यमंत्री भी ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में शामिल थे जहां के चयनित क्षेत्रों में यह प्रोजेक्ट लॉन्च करना था । इस प्रोजेक्ट के तहत निम्न 6 राज्यों का चयन किया गया है – गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, एवं त्रिपुरा । इन चयनित 6 राज्यों में से प्रत्येक राज्य से 1 शहर का इस प्रोजेक्ट के लिए चयन किया गया है । ये चयनित शहर निम्न हैं – गुजरात में राजकोट, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, मध्य प्रदेश में इंदौर, झारखंड में रांची, तमिलनाडु में चेन्नई और त्रिपुरा में अगरतला ।

लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (LHPs) में किस चीज का निर्माण होगा ?

1. इंदौर में LHP – पूर्वनिर्मित सैंडविच पैनल सिस्टम

2. राजकोट में LHP – सुरंग फॉर्मवर्क का उपयोग करके एक पत्थर से कंक्रीट निर्माण

3. लखनऊ में LHP – पीवीसी स्टे इन प्लेस फॉर्म वर्क सिस्टम

4. रांची में LHP – 3 डी वॉल्यूमेट्रिक प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम

5. चेन्नई में LHP – LHP में प्रीकास्ट कंक्रीट कंस्ट्रक्शन सिस्टम

6. अगरतला में LHP – लाइट गेज स्टील इन्फ़िल पैनलों के साथ स्ट्रक्चरल स्टील फ्रेम

लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (LHPs) की विशेषताएं

इस प्रोजेक्ट की निम्न विशेषताएं है –

1. इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक क्षेत्र में 1000 आधुनिक आवासों का निर्माण होना है ।

2. निर्माण टिकाऊ, आपदा प्रतिरोधी एवं आधुनिक एवं कम लागत वाली होगी ।

3. इसके तहत सजीव प्रयोगशालाओं का निर्माण होगा ।

4. ये घर पूरी तरह भूकंप रोधी होंगे ।

5. ये प्री फैब्रिकेटेड चीजों के प्रयोग से निर्मित होंगे जिस कारण से ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल होगा।

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