कोरोना वायरस पर निबंध (Eassay on COVID19)

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कोरोना वायरस

प्रस्तावना – कोरोना वायरस एक वैश्विक महामारी है जिसे वैज्ञानिकों ने COVID19 नाम दिया है जिसका फूल फॉर्म “कोरोना वायरस डिजीज 2019 (Corona Virus Disease 2019)” है । इस महामारी की शुरुवात चीन के वुहान प्रांत से हुई और धीरे – धीरे पुरे विश्व में फ़ैल गई । पूरे विश्व के  वैज्ञानिक लगातार इसके वैक्सीन की खोज में लगे हुए हैं और कई प्रकार के वैक्सीन का अभी ट्रॉयल भी चल रहा है । इस जानलेवा महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका और भारत जैसे देश हैं । चीन ने तो वायरस को जल्दी ही नियंत्रण में ले लिया लेकिन यह बाकी देशों की नींद चुरा रही है । चीन में इस वायरस का प्रभाव जब तेजी से फैला तब लगभग 83 हजार लोग इसकी चपेट में आ गए मगर चीन ने इसे आगे बढ़ने नहीं दिया और 83 हजार की आंकड़े में ही यह नियंत्रित हो गई । ऐसा नहीं है कि वायरस के उद्गम स्थान चीन में यह वायरस पूरी तरह नियंत्रित हो गया अपितु अब भी वहां 2-4 मरीज दैनिक सामने आ रहे हैं ।

भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह गंभीर चिंता को विषय बन गया है । इस वायरस के आने से सब कुछ अव्यवस्थित हो गया है क्योंकि यह एक संक्रामक वायरस है जो हवा और संपर्क के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है । वैज्ञानिकों की मानें तो यह वायरस जानवरों में पाई जाती है मगर कुछ कारणों से यह इन्सानों में आ गई । यह वायरस लगती तो आम है मगर इलाज न कराने पर रोगी की मृत्यु हो जाती है । इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए सभी देश एक साथ खड़े हैं और सभी वैज्ञानिक वैक्सीन के खोज में लगे हुए हैं ।

यह वायरस SARS का ही एक रूप है जिसे SARS – CoV2 नाम दिया गया है । इस वायरस ने अपनी सरंचना में कई बार बदलाव किए है जो इसके वैक्सीन ढूंढने में बाधा उत्पन्न कर रही है । भिन्न – भिन्न देशों में भिन्न – भिन्न संरचना के कारण इसका प्रभाव भी भिन्न – भिन्न है । 

लक्षण – इस वायरस के निम्न लक्षण है –
सबसे आम लक्षण:
1. बुखार
2. सूखी खांसी
3. थकान

कम सामान्य लक्षण:
1. दर्द एवं पीड़ा
2. गले में खराश
3. दस्त
4. आँख आना
5. सरदर्द
6. स्वाद या गंध का नुकसान
7. त्वचा पर एक दाने, या उंगलियों या पैर की उंगलियों को काटना

गंभीर लक्षण:
1. सांस लेने में कठिनाई या सांस की तकलीफ
2. सीने में दर्द या दबाव
3. बोलने में कठिनाई

रोकथाम – इस महामारी का अभी तक कोई उचित वैक्सीन सामने नहीं आई है । विभिन्न प्रकार के वैक्सीन का अभी ट्रॉयल चल रही है जब तक कोई वैक्सीन सामने नहीं आ जाती लोगों को कुछ सलाह को पालन करके अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं । ऐसा भी नहीं है कि इसकी कोई इलाज नहीं है, विभिन्न प्रकार के दवाईओं द्वारा मरीजों का उपचार चल रहा है । इस रोग से बचाव के लिए निम्न सलाह का पालन करना चाहिए –
1. हाथ को ज्यादा से ज्यादा साबुन और एल्कोहोल युक्त सेनेटाइजर से धोना चाहिए ।
2. घर से निकलने पर हमेशा मास्क लगा के रखना चाहिए ।
3. घर से बाहर जाने पर आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए ।
4. दूसरे व्यक्तियों से एक निश्चित दूरी पर खड़े होना चाहिए ।
5. हाथ मिलाने से बचना चाहिए ।
6. पब्लिक जगहों पर नहीं थुंकना चाहिए ।
7. किसी भी तरह की अगर वायरस से संबंधित लक्षण दिखने पर अपना टेस्ट करवाना चाहिए ।

प्रभाव – कोरोना वायरस का प्रभाव पूरे विश्व पर आर्थिक, व्यापारिक, स्वास्थ्य और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत बुरा प्रभाव पड़ा है । कोरोना वायरस के कारण इसके बचाव के लिए सरकार द्वारा 25 मार्च 2020 को 21 दिनों के लिए 14 अप्रैल 2020 तक के लिए संपूर्ण लॉकडॉउन का ऐलान कर दिया । इस लॉकडॉउन की कुछ शर्तें थी जिसे मानना सभी व्यक्ति को जरूरी था । ये शर्तें निम्न थी –
1. बिना जरूरी काम के घर से निकलना बंद ।
2. कुछ जरूरी दुकानों को छोड़कर सभी दुकान पूरी तरह बंद ।
3. बिना मास्क के घर से निकलना मना ।
4. एक दूसरे से एक निश्चित दूरी बनाए रखना ।
5. हैंड सेनिटाइजर का प्रयोग का प्रयोग अथवा साबुन से हाथ धोते रहने की सलाह ।
6. सभी तरह की पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद । इत्यादि

आम नागरिकों पर प्रभाव 

इसके बाद महामारी से बचाव के लिए सरकार को लॉकडॉउन की अवधि को बढ़ानी पड़ी । इन सबका लोगों के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा । लाखों लोगों का रोजगार चला गया । जो लोग बाहर गए हुए थे वे बाहर ही फंस गए क्योंकि सरकार द्वारा बाहर निकालने और एक जगह से दूसरे जगह जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी । रोजगार न होने के कारण लोगों को राशन के लिए खर्च की समस्या हुई । इस तरह लोगों को ढेर सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा । यह फैसला सरकार ने लोगों के हित के लिए लिया था मगर लोगों की समस्याएं भी बढ़ रही थी । कई जगहों में मुक्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था और जो लोग किराए के मकान में थे सरकार उनसे 3 महीने तक किराया नहीं लेने की भी अपील कर चुका था । मगर कई मकान मालिक इस वायरस के भय से किराए में रहने वाले लोगों को घर से निकाल दे रहे थे । कई लोग, लोगों की मदद भी कर रहे थे मगर प्रभावितों की संख्या ज्यादा थी । कुछ समय पश्चात सरकार ने कुछ चीजों और घर लौटने के लिए 14 दिनों की क्वेरेंटाइन की शर्त पर अनुमति दे दी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण से कई लोग जैसा साधन मिला घर के लिए निकल पड़े, कुछ लोग तो सैकड़ों किलोमीटर पैदल निकल पड़े जिसमें लोगों को बहुत तकलीफ़ उठानी पड़ी ।

ऐसे स्थिति में भी कुछ लोग मदद के लिए आगे आए जिसमें बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद सामने आए । जहां सरकार से लोगों को कोई मदद नहीं मिल पा रही थी वहां सोनू सूद सामने आए और लोगों को घर पहुंचाने में माद करने लगे । इस बीच लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा ।

शिक्षा पर प्रभाव 

लॉकडॉउन के कारण सभी स्कूल – कॉलेजों को बंद कर दिया गया । इस समय कई विद्यार्थियों का परीक्षा भी समीप था जो बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ । लगभग मार्च महीने से अभी दिसंबर तक सभी स्कूल कॉलेज बंद हैं । इस बीच प्रथम अनलॉक (1 जून 2020) के बाद कुछ स्कूल कॉलेजों ने अगस्त – सितंबर माह में स्कूल कॉलेज खोलने का हिम्मत दिखाया । कई स्कूल – कॉलेजों में कोरोना वायरस हावी हो गया जिस कारण से उन्हें दोबारा से बंद करना पड़ा । इस लॉकडॉउन के कारण 10 वीं, 12 वीं और फाइनल ईयर के छात्रों को जनरल प्रोमोशन के तहत उनके पिछले परिणामों के आधार पर रिजल्ट दिया गया अर्थात बाकी कक्षाओं का परीक्षा रद्द करना पड़ा । इसका प्रभाव उन छात्रों पर पड़ा जो कुछ कारणों से पिछले परीक्षाओं में अच्छे अंक नहीं ला पाए थे और इस बार अच्छे रिजल्ट के लिए मेहनत कर रहे थे । फाइनल ईयर की परीक्षाएं भी इससे प्रभावित हुई जिस समय तक बाकी साल छात्र ग्रेजुएट होकर बाहर निकलकर अपने भविष्य के लिए आगे बढ़ते थे उस समय फाइनल ईयर की परीक्षाएं चल रही थी । इससे यह साबित होती है कि शिक्षा पर कोरोना वायरस का बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है ।

शिक्षा पर कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए इस बीच ऑनलाइन क्लासेस को बढ़ावा दिया गया जिसमे घर से ही छात्र अपने मोबाइल से पढ़ाई कर रहे हैं ।

रोजगार पर प्रभाव

जहां लाखों लोगों का रोजगार इस कोरोना वायरस के कारण छीन गया वहीं नए रोजगार के अवसर भी इस बीच कोरोना वायरस ने छीन लिया । इस लॉकडॉउन के बीच कई रोजगार हेतु परीक्षाएं होनी थी जो महामारी के प्रकोप को देखते हुए रद्द हो गए जिससे प्रतिभागियों का रोजगार का अवसर छीन गया । यह महामारी लोगों के रोजगार के लिए ग्रहण साबित हुई । हालांकि अनलॉक प्रथम के पश्चात से ही कई व्यवसाय और कारखाना चालू हो गई जिस कारण से लोगों को अपना रोजगार वापस मिल सका । इसके बावजूद भी लाखों लोगों का रोजगार इससे प्रभावित हुआ है ।

पशुओं पर प्रभाव

वैसे तो भारत में इसका मवेशियों पर संक्रमण नहीं दिखा मगर अमेरिका में कई बाघ इसकी चपेट में आ गए । इस महामारी का ज्यादा प्रभाव चिड़िया घरों में रहने वाले पशुओं पर पड़ रहा है । चिड़ियाघर के बंद होने के कारण किसी भी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रहा जिस कारण से पशुओं की खाने – पीने के सामान कि समस्या देखने को मिल रही है ।

विभिन्न घटनाक्रम – कोरोना वायरस भारत में मार्च के महीने में प्रवेश किया था उसी समय ही इसके भविष्य में प्रभाव की गणना विशेषज्ञों द्वारा कि जा चुकी थी और इसके प्रकोप से बचने के लिए 25 मार्च 2020 को 21 दिनों के लिए 14 अप्रैल तक लॉकडॉउन 1.0 लागू किया गया । इसके पश्चात द्वितीय फेस का लॉकडॉउन 15 अप्रैल 2020 से 3 मई 2020 तक 19 दिनों के लिए लगाया गया । तृतीय फेस का लॉकडॉउन 4 मई 2020 से 17 मई 2020 तक 14 दिनों के लिए लगाया गया । इसके बाद अगला चतुर्थ फेस का लॉकडॉउन 18 मई 2020 से 31 मई 2020 तक के लिए 14 दिनों के लिए लगाया गया ।

इस बीच जनता बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे जिस कारण से लोगों को भोजन और कपड़े जैसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था जिससे यह तो तय था कि सरकार लोगों को और ज्यादा दिन लॉकडॉउन में नहीं रख सकती थी क्योंकि एक तो रोजगार नहीं थी और दूसरी समस्या कई लोग बाहर फंस गए थे और उनके पास पैसे भी खत्म होने लगे थे । इन सबको ध्यान में देते हुए सरकार को लॉकडॉउन को खोलना पड़ा और 1 जून 2020 से 30 जून 2020 तक 30 दिनों के लिए अनलॉक 1.0 विभिन्न शर्तों के साथ लागू किया गया । दूसरा अनलॉक 2.0, 1 जुलाई 2020 से 31 जुलाई 2020 तक 31 दिनों के लिए किया गया । इसके पश्चात क्रमशः तीसरा, चौथा, पांचवां और 6 वां अनलॉक 3.0, 4.0, 5.0 और 6.0 क्रमशः 1 अगस्त 2020 – 31 अगस्त 2020 (31 दिनों के लिए), 1 सितंबर 2020 – 30 सितंबर 2020 (30 दिनों के लिए), 1 अक्टूबर 2020 – 31 अक्टूबर 2020 (31 दिनों के लिए), 1 नवंबर 2020 – 30 नवंबर 2020 (6 दिनों के लिए) लागू किया गया ।

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