गगन सिस्टम क्या है | Gagan system full detail in hindi

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 गगन सिस्टम एक भारतीय नेविगेशन तकनीक है । जिसका उपयोग विमानों का एयरपोर्ट में लैंडिंग के दौरान किया जायेगा । इस तकनीक का सबसे पहले प्रयोग भारतीय विमान IndiGo ने बुधवार 27 अप्रैल 2022 को किशनगढ़ एयरपोर्ट राजस्थान में किया था । इस नेविगेशन तकनीक को भारत में बनाया गया है और यह क्षैतिज और उर्धवाधर सलाह प्रदान करने के लिए बनाया गया है खास तौर पर उन एयरपोर्ट में जहां instrument landing system (ILS) नही लगाया गया है वैसे एयरपोर्ट में यह लैंडिंग के समय जानकारी प्रदान करता है जिससे विमान की लैंडिंग में मदद मिलती है । SBAS तकनीक का प्रयोग करने वाला भारत विश्व में तीसरा देश बन गया । भारत के अलावा अमेरिका और जापान जैसे देश SBAS तकनीक का उपयोग करते हैं । गगन सिग्नल-इन-स्पेस (एसआईएस) जीसैट-8 और जीसैट-10 के माध्यम से उपलब्ध है।

गगन का मतलब (Gagan full form)

गगन का फुल फॉर्म (Gagan full form) GPS-aided geo-augmented navigation है जिसका हिंदी मतलब जीपीएस-सहायता प्राप्त भू-संवर्धित नेविगेशन होता है ।

गगन सिस्टम को किसने बनाया है ?

गगन सिस्टम को भारतीय एयरपोर्ट ऑथोरिटी (Airports Authority of India/ AAI) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO ने मिलकर बनाया है । यह एक स्वदेशी तकनीक है इस कारण से भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण तकनीक है । यह एक Satellite Based Augmentation System (SBAS) आधारित तकनीक है ।

गगन सिस्टम का पहला प्रयोग

27 अप्रैल 2022 को किशनगढ़ एयरपोर्ट राजस्थान में सुबह के समय ATR-72 एयरक्राफ्ट के लैंडिंग के लिए गगन तकनीक का सबसे पहला प्रयोग किया गया था ।

गगन सिस्टम का उपयोग

गगन नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीक साबित हो सकता है । इसका उपयोग नेविगेशन के लिए किया जायेगा । लैंडिंग के समय क्षैतिज और उर्धवाधर नेविगेशन जानकारी यह देगा । ऊंचाई को 250 फीट तक कम करने का निर्णय खराब मौसम और कम दृश्यता की स्थिति में पर्याप्त परिचालन लाभ प्रदान करता है।

गगन तकनीक से लाभ

1. नेविगेशन में मदद

2. खराब मौसम और कम visiblity में उपयोगी

3. नागरिक उड्डयन का आधुनिकीकरण

4. विमान की देरी को कम किया जा सकता है

5. विमान सुरक्षा में लाभ

6. ईंधन खपत में कमी

अन्य जानकारी

यह तकनीक अभी Directorate General of Civil Aviation (DGCA) द्वारा approval के लिए है जिसमे पायलटों का प्रशिक्षण, दृष्टिकोण का सत्यापन, सिम्युलेटर सत्र आदि सामिल है । GAGAN को अतिरिक्त सटीकता, उपलब्धता और अखंडता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि उपयोगकर्ता GAGAN सेवा मात्रा के भीतर सभी योग्य हवाई अड्डों के लिए मार्ग से उड़ान के सभी चरणों के लिए GPS पर भरोसा कर सकें। यह स्थिति रिपोर्टिंग में बढ़ी हुई सटीकता की क्षमता भी प्रदान करेगा, जिससे अधिक समान और उच्च गुणवत्ता वाले हवाई यातायात प्रबंधन (एटीएम) की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा DGCA ने 1 जुलाई, 2021 के बाद भारत में पंजीकृत सभी विमानों के लिए GAGAN उपकरण से लैस होने का आदेश जारी किया है।

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